किसी भी पीड़ित व्यक्ति की निःस्वार्थ भावना से सहायता करना ही समाज-सेवा है । वस्तुत: कोई भी समाज तभी खुशहाल रह सकता है जब उसका प्रत्येक व्यक्ति दुःखों से बचा रहे । किसी भी समाज में यदि चंद लोग सुविधा-सम्पन्न हों और शेष कष्टमय जीवन व्यतीत कर रहे हों, तो ऐसा समाज उन्नति नहीं कर सकता ।

इसी अवधारणा को ध्यान में रखते हुए समाजसेवा के क्षेत्र में निरंतर 3 वर्षो से सेवा में कार्यरत पारुल शर्मा,पत्रकार साथी सूर्य प्रकाश शर्मा,एवम वेद प्रकाश शर्मा अपना सार्थक संपूर्ण योगदान दे रहे हैं।

इस पहल की शुरुआत हुई कोरोना काल के प्रथम चरण से जैसा कि आपको बताते चले कि वैसे तो इनका मूल निवास उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में ग्राम एकडला है परंतु वर्तमान समय में दिल्ली में निवास करते है,और समाज में इन्होंने कोरोना जैसी वैश्विक महामारी में लोगो को भूख से तड़पते देखा , बच्चो को शिक्षा से वंचित पाया तभी इनको उस स्थिति देख कर अत्यंत दुखी हुए तभी उस दिन से यह दृढ़ निश्चय किया की अपनी आर्थिक स्थिति के अनुसार जितना भी हो सकेगा जरूरतमंद,असहाय,बेसहारा लोगो की सहायता करेंगे।

मार्च 2020 के महीने से निरंतर समाज में भूख से तड़पते लोगो का पेट बहरने एवम शिक्षा से वंचित बच्चो को आवश्यक सामग्री प्रदान करने में कार्यरत है। अभी तक तकरीबन 1700 जरूरतमंदों की सहायता कर चुके है।

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