वैलेंटाइन डे नहीं मनाए यह है ये  भारतीय संस्कृति का अपमान : मिलन अग्रवाल

भरतपुर – बेटी रक्षा दल के प्रदेशाध्यक्ष मिलन अग्रवाल ने बताया कि 14 फरवरी का जिक्र आते ही मन पश्चात्य संस्कृति के प्रतीक ख्याल आता है विश्व भर में प्रेमी जोड़े एक दूसरे को प्रेम का इजहार करते हैं और इसके साथ ही शराब पार्टी शारीरिक संबंध बनाने की हद पार कर जाते हैं । आंकड़े बताते हैं कि देश विदेशों में शराब की बिक्री सबसे ज्यादा होती हैं सैंट वैलेंटाइन कौन थे क्यों वैलेंटाइन डे 14 फरवरी को मनाया जाता है इसका इतिहास में कही कोई उल्लेख नहीं है  कही न कही ये विदेश कंपनियों की मार्केटिंग की वजह से ही व्यापक हुआ है  वैलेंटाइन डे का कुप्रभाव  भारत मे भी बढ़ रहा हैं और इसे देखते हुए समाजसेवी मिलन अग्रवाल ने कहा कि इस दिन बच्चो में अच्छे संस्कार हेतु इस दिन को मातृ पितृ पूजन दिवस के रूप में मनाया जाना चाहिए । अग्रवाल का मानना हैं की बच्चे ही इस देश का भविष्य हैं और किसी भी देश की दिशा और दशा उस देश की युवा पीढ़ी ही तय करती है अगर बच्चे ही गलत रास्ते पर चल पड़े तो उनका बाद देश का भविष्य अंधकारमय होना तय हैं भोग विलासिता की जीवन शैली बहुत दिनों तक नहीं चलती है और जब पछतावा होता है तब तक बहुत देर हो चुकी होती है इस वजह से बच्चों की छोटी उम्र में ही अच्छे संस्कार दिए जाने चाहिए और यह जिम्मेदारी हम सब की है इसलिए अग्रवाल नहीं है जिम्मेदारी अपने ऊपर लेते हुए अपने साथ कुछ और जिम्मेदार नागरिक जोड़कर 14 फरवरी को मातृ पितृ पूजन दिवस पूजन दिवस मनाने का फैसला लिया है मिलन अग्रवाल ने आगे बताया कि देखते-देखते बहुत से बुद्धिजीवी इस मुहिम जोड़ रहे हैं ।

माता-पिता भी कितने खुश होते हैं जब उनके बच्चे उनके पूजा अर्चना करते हैं व उन्हें मान सम्मान देते हैं आज के युग मे जहाँ देश विदेशों में बच्चे अपने मां बाप पर केस ठोक देते है वह गंदगी भारत में ना पाए और बच्चे मां बाप की इज्जत करें इसलिए हम सबकी जिम्मेदारी बनती है इस मुहिम में सभी बेटी रक्षा दल का साथ दे । अग्रवाल ने आगे बताया कि अभी अपने बच्चों को समझाएं 14 फरवरी का दिन मां-बाप को समर्पित करें  और जो जहाँ है वही इस दिन को एक यादगार के रूप में अपने माता पिता के साथ मनाए । सभी धर्मों के लोग इस मुहिम में भागीदारी बने । देश मे जहाँ वृद्ध आश्रम बढ़ते जा रहे है और बच्चे अपने माँ बाप को जबरदस्ती छोड़ कर आ रहे है ऐसे में यह कार्यक्रम जरूर बुढ़े माँ बाप को खुशी देगा और बच्चों को ढेर सारा आशीर्वाद और आशीर्वाद के सहारे ही औलाद के जीवन का कायाकल्प होना स्वभाविक है – संवाददाता – भीम सिंह राजपूत

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