उदयपुर अरिहंत भवन भुवाना 23 फरवरी 2022

किसी के अधिकारों का हनन करना अनदेखा करना कुचलना अपने आप में सबसे बड़ी हिंसा है उक्त विचार राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश ने संबोधित करते कहा की प्रत्येक व्यक्ति को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होना चाहिए रक्षा के लिए कदम उठाने चाहिए उन्होंने कहा कि किसी के अधिकारों की रक्षा के लिए निस्वार्थ भाव से समर्पित हो जाता है वह देव तुल्य है मुनि कमलेश ने बताया कि दबे कुचले उपेक्षित लोगों की पीड़ा को समझने वाला सच्चा धार्मिक होता है

राष्ट्रसंत ने संयुक्त राष्ट्र संघ को कहा कि यूक्रेन के ऊपर हस्तक्षेप करते हुए युद्ध विराम का काम करें जैन संत ने कहा कि युद्ध का अर्थ विनाश आग से आग नहीं बुझाई जा सकती वैसे ही हिंसा को हिंसा थी समाप्त नहीं किया जा सकता 24 फरवरी को प्रातः 9:00 बजे लोकाशा भवन अशोक नगर में मुनि कमलेश के प्रवचन होंगे – सववाददाता फारूक मेमण खेरालु

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